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Old 04-25-2007, 08:07 AM
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Default साक्षी तनवर की छुड़ाई

साक्षी तनवर की छुड़ाई

मेरा नाम राहुल है उमर 22 साल की है मेरा लुआदा 8 इंच का है और में हेमएशा से छूट का दीवाना रार हूँ ख़ास कर के में दिलचसबी रार हैं घर मुंबई मैं बंद्रा मैं सेअ फसे पेर है और मैं हमेशा शाम को वलक पे आने वाली के बल्ल और छूट्टाड़ डेकटा हूँ

गाललारय मैं खड़े रेहके के हिलते हुए छूट्टाड़ देखने मैं मुझे बड़ा मज़ा आता है और मेरा लंड खड़ा देखने जाता है क्भी तो कुछ औंतिया इंटने तिघ्ट कपड़े पेहनती है के जिसमे से उनके बड़े बड़े बूब्स और छूट्टाड़ देख के ऐसा लगता है के अभी जाके उनके कपड़े फाड़ डू और उनको उधर ही छोड़ डालू.

और इन ख़यालो मैं मे अपना ताना हुआ लौड़ा हाथ से हिलता हूँ.मैं ने अभी तक कॉल्लेगे की पाँच लड़की को छोड़ा है मैं हमेशा किसी बड़ी आगे वाली औरत को छोड़ना चाहता था बड़ी औरत यानी 26-30 आगे वाली, हरी भारी गांड वाली और अगर कुँवारी बूर देखने तो मज़्ज़ा आ जाए.मैं हमेशा मेरे पढ़ॉस्वाली औंतियों और रिश्तेदारी मैं चाची ,मामी,मासी की छूट्टाड़ और बूब्स देखा करता.पेर किसी औरत को छोड़ने की तमन्ना बाक़ी थी.मेरी माँसी ट्व आकटरेस्स हैं और जिसका नाम साक्षी तनवर है उसे मास्सी ना केह कर साक्षी ही कहूँगा.वो मेरी मा की छोटी बेहान हैं लोग ऐसे भी होंगे जो साक्षी की नाम की मूट मारते हैं और मैं भी उनमे से एक हूँ.


बचपन मैं छ्छुत्ियों मे हमेशा साक्षी के घर जाया करता था.वो मुज़े बागुत चाहती थी.पेर तब मे छोटा था मैं भी उसे चाहता था मगर एक मासी की तरह.लेकिन जब मैं बड़ा हुआ तो मुज़हे सेक्श के बारे मे पता चलने लगा.जब मे साक्षी के घर जाता तो वो मुझे गालों पे चुमती,मुझे हुग करती तो मेरा लौड़ा खड़ा देखने जाता.में भी उससे लिप्त जाता और उसके पीठ पेर से हाथ घुमा देता.कभी कभी तो उसके बूब्स मेरे छ्छाती पे लगते तो मुजस्े रार ना जाता.पेर मैं ख़ुदको कॉंट्रोल कर लेता और बाथरूम मे जाके साक्षी के नाम की मूट मार देता.रात को सोते समय मे हमेशा सोचता की साक्षी मासी के बूब्स कितने बड़े होंगे,उसकी ज़्ातों से भारी छूट को चूमने और चतनेमे कितना मज़ा आएगा.और एक बार साली गांड के दर्शन करा दे तो गणगा नहलू.मैं हमेशा सेरियल देखा करता तो इस सारी मैं लिपटी नारी का रपए करने को दिल चाहता.ऐसा लागत मानो अभी ट्व के अंदर घुस के उसकी सारी मे लिपटी गांड पे अपना लौड़ा रग़ाद दूं.उसकी सारी उपर कर के उसकी गांड को चूमू,चटू, और उसकी गांड मैं उंगली डाल डू.उसे एक बार नंगी करके छोड़ना चाहता था.जब भी वो अपने छूट्टाड़ हिला के चलती तो ऐसा लगता की उसे पीछे से पकड़ के अपना लुआदा उसकी छूट के डाल के रंडी को छोड़ डालू.पेर आख़िर मैं वो मेरी मासी थी इस्स लिए मैं कुछ नही कर पा रार था.लास्ट टीमे जब मे साक्षी के घर गया तो बाथरूम मे उसकी ब्रा और पंतय देखी.जब मैने उसकी पंतय को सूंघा तो मुझे नशा सा होने लागा.क्या मस्त कूश्बू थी उसके छूट की.मैने सोचा की काश मैं उसकी पंतय होता तो उसके छूट से पूरा दिन लिपटा रेहता.मैं अकेले मैं बोले रार साली रंडी साक्षी मासी छुड़वा मुजस्े.तुझे तो मैं रंडी बनके छोदुँगा साली.क्या गुलाबी छूट होगी तेरी छूट के ख़यलों मे मैने अपना लंड निकाला और अपना सारा माल उसके पंतय मे डाल दिया.
मैं अपने कमरे मे बेता हुआ था तभी साक्षी मासी अंदर आ गई.
मैने उसे स्मिले दी तो उसने मुझे गालो पे चूमा और हुग किया.तब वो किसी सेरियल की शूटिंग पे से आई थी और साक्षी ने ट्रांसपरेंट सारी और स्लीवलेस्स ब्लौसे पेहना था.ब्लौसे तोड़ा लोव कूट था और उसे देख केर ही मेरा लंड खड़ा देखने गया.शे आल्सो गावे स्मिले तो मे और बोली.
साक्षी: राहुल,कैसे देखने? पढ़ाई कैसी शुरू है
मैं सब ठीक हैं मासी?
साक्षी:कॉल्लेगे मैं को गिरल्फ़रिएंड बनाई है या नही?
मैं वास शोक्केड़ तो हेअर तट) नही मासी.
साक्षी:तेरी उमर मे तो सब लड़के लड़कियों के पीछे भागते है
मैने सिर्फ़ शर्म से गार्दन झुका दी और कुछ नही बोला.
तभी उसका मॉबीले हाथ से गिरा और वो उठाने के लिए झुकी तो उसका सारी का पल्लू नेचे गिरा और मेरी नज़र अब साक्षी के बल्ल पेर थी- ही क्या नज़ारा था?उसने देखा की मेरी नज़र उसके स्तानो पेर है तो पल्लू ठीक करके चली गई.

दूसरे दिन सुबह जब वो मेरे लिए नाश्ता तबले पेर रख रही थी तो जान बुज़ कर अपना पल्लू नीचे गिरा दिया.मेरी नज़र फिर से उसके चुचियों पे थी.मुझे देखता देख साक्षी बोली: क्या देख रहे देखने?पसंद आ गाये देखने तो बता दो?
मैं ने सोचा की यह ही सही मौक़ा है साली की अभी तक शादी नही हुई है इसके लिए लंड के लिए तड़प रही होगी कुट्टिया और हिम्मत कर के बोला चूसने मिल जाता मज़्ज़ा आ
साक्षी ने फिर अपनी सारी खोल दी.अब वो सिर्फ़ पेतिकोट और ब्लौसे मैं थी.उसके मुलायम हूनत,बूब्स को देख कर मे पागल देखने गया और जाके उससे चिपक गया.
अब मैने एक हाथ साक्षी के बूब्स पे रखा और एक हाथ से पेतिकोट के उप्पेर से उसके छूट्टाड़ सेहला ने लगा.वो मुज़हे देख कर मुस्कुराई.तो मैं उसके होटों को पागलों की तरह चूमने लगा.थोड़ी देर बाद मैने उसका ब्लौसे उतरा और पेतिकोट का नारा खोल दिया.अब वो सिर्फ़ ब्रा और पंतय पेर थी.मैने अपनी पंत उतर दी.मैने उसके कान मे कहा की मैं कब से तुम्हे चाहता हूँ और तेरी छूट मारना चाहता था.
साक्षी जानती हूँ मेरे राजा,जब तुम मेरे पंतय की ख़ुशबो सूंघ सारे थे और अपना लौड़ा हिला रहे थे तब तुम बाथरूम का दूर लॉकक करना भूल गाये थे और मैने वो सब देख लिया.उस दिन तेरजली लौड़ा देखा तो मेरी छूट मे खुजली सी होने लगी मुझे लगा की तू अब बड़ा देखने गया है और तुम्हे भी छूट की ज़रूरत है वो भी सुन लिया था जो तुम मेरे बारे मैं बोल रहे थे
बुरा तो नही
बुरा लगाने वाली क्या बात है तो ख़ुश हूँ की तू तेरी मासी को छोड़ना चाहता है छुड़ाई करते समय अगर गंदी गंदी बातय करे तो छुड़ाई का मज़हा और आता है तू बता तू मेरे बारे मैं क्या सोचता है
ई लोवे उ.मैं तेरे नाम से बहुत बार हिला चुक्का हूँ.तेरे होंट देखता हूँ तो लगता है के चुस डालू.तेरे बूब्स का सारा दूध पीलू. तेरी गांड की तो सारी दुनिया दीवानी है गांड तो मुझे सबसे रार पसंद
ऐसी क्या बात है मेरी गांड
मैं तेरे तिघ्ट गांड देख कर तो बूढ़े का भी लुआदा खड़ा देखने जाए.जी करता है के तेरी गांड मैं उंगली डाल डू.और तेरी पाद सूंघ
साक्षीशे पाद भी सूंघे का
तो तेरजली मूत भी पी लूंगा,साली
मैने अब पंतय हाथ डाल कर उसकी छूट मे उंगली डाल दी और वो मेरा लंड सेहला रही थी
क्या तुझे मेरी छूट अच्छी नही लगती
रसीलि छूट का तो सारा इंडिया दीवाना है भोसदेवाली.तेरे छूट के चक्कर मैं कितने अपना लौड़ा रोज़ हिलते होंगे.मेरे दोस्त भी तो तेरी इसी छूट के पागल हैं तो इस छूट का भूत बन के रहेना चाहता हूँ
अब मैने उसका ब्रा और पंतय निकाल दी और उखसी गुलाबी बूर देख कर मैं पागल देखने गया.मैने उसे हेर जगह क़िसस करना सुरू किया.साक्षी भी मुझे साथ देने लगी

मूत कर आती
तुझे मूत करते देकना चाहता हूँ.तेरजली मूत का स्वाद चकना चाहता
मैं तुझे अपना मूत पिलाती
अब हम दोनो बाथरूम गाये और वो मुत्ने बैठ गई.मैने मेरा मुह उसकी छूट के पास ले गया और उसका मूत पीने लगा.वो हांस पड़ी.क्या टास्ते थी उसके मूत की वह!
फिर हम बेडरूम मे आए.मैने उसे लिटा दिया और उसपेर चार गया.मेरा ताना हुआ लंड देख कर उसकी छूट मैं पानी आ गया था और मुझे भी उसकी छूट का मज़ा लेना था.
देर मत कर और जल्दी से छोड़ दे मुझे.आज अपने बेहें के बेटे से मरवाऊँगी अपनी छूट.डाल लौड़ा मेरी छूट मैं
मैं साक्षी के मुह्न से छुड़ाई की बाते सुनकर और बेताब देखने गया और मैने उसके छूट मे मेरा लंड डाल दिया.साली की छूट मैं लंड डालने के बाद मुझु लगा की साक्षी कुँवारी नही है पेहले और भी केले खा चुकी है ने उसे छोड़ना सुरू किया.मैने अपनी स्पीड बढ़ाई,अब मेरे पूरा लंड छूट से अंदर बाहर देखने रार छोड़ो,छोड़ो मुझे आह् आह् प्लेआसए छोड़ो अहह्ह्ह्ह्ह!
मैं पंध्रा मिनुत तक उसे छोड़ता रार फिर हम दोनो ज़र गाये और एक दूसरे की बाहों मे सो गाये

जब दोपेहर को मेरी आँख कुली तो मैने देखाई की साक्षी कित्चें मैं खाना बना रही थी.उसने सिर्फ़ गॉवन पेहना था और वो भी ट्रांसपरेंट.मुझे उसके अंदर का सब कुछ दिखाई दे रार था.मेरा लंड खड़ा देखने गया.मैने पीछे से ज़क्र उसे पकड़ा और अनपा लौड़ा उसकी गांड पे रग़ाद ने लगा और उसे क़िसस करने लगा.
साक्षी क्या कर रहे देखने.मुझे खाना तो बनाने
मा की छूट रंडी,नाटक दिखती है जल्दी से नंगी देखने जा कामिनी. एक तो मुझे ऐसे कपड़े पेहनती है और फिर रुकने को केहटी है तो तेरी जाँघ और छूट भी तो चटनी
हरमी मुझे रंडी बोलता है की
मैने उसकी गौवन उप्पेर की और उसके गांड मैं लंड डाल्के उसे छोड़ने लगा.
वो चिल्लाने कुत्ते!जा अपनी मा की गांड मार ले सले.बहुत दर्द होता है निकल तेरजली लंड
मैने उसकी एक नही सुनी और इसकी गांड मारता रहा.गांड मरने के बाद मैने तबले पे लिटाया और उसके कूट और तिघस को चूमे और चटने लगा.
मैं अपनी टौँगुए को उसकी छूट के अंदर तक ले गया औस चूस्ता रार .क्या रसीलि छूट थी उसकी दोस्तो!!!आह्!!!अब वो ज़र गयी और मैने उसका सारा विर्या पी लिया.क्या मस्त टास्ते थी उसके छूट की पानी की क्या बोलू.
बरसो की तम्मना थी तेरी छूट को चटने की
छूट तो चाट ली अब मे तेरजली लुआदा
और उसने ज़ूक कर मेरा लुआदा अपने मौत मे ले लिया और चूसने लगी
लंड चूस्ते चूस्ते मैं उसके बूब्स और छूत्टर को दबा रार था.
वो अब लुआदे का सारा पानी पी गयी दूं रंद लग रही थी.

अब हम खाना होटेल से मंगवाया और खाने लगे.
वो तो पहने
तो वैसे भी मैं डूस मिनुत मे तेरे उतर ही
और मैने उसे खीच कर मेरी ठिघस पे बीते लिया और हम खन्ना खाने लगे.उसकी गांड की गर्मी से मेरा लंड खड़ा देखने गया और उसके गांड से टकराने लगा.
साक्षी: तो आज मेरी छूट का भोस्ड़ा करने वाला है बार छोड़ेगा अपनी इस रंडी
तो मैं ज़िंदगी भर अपी रंडी बना के रखून गा और दिन मैं पाँच बार छोड़ूँगा. साली आज तक कितने दीरेक्तोर और प्रोदूसेर का केला ख़ाया होगा कुट्टी,
सारे दीरेक्तोर,प्रोदूसेर और आकतोर्स के साथ छुड़ाई की है हरमी.पैर कोई तेरे जैसा नही मिला
सेरियल वाला ओम अगर्वल तुजे छोड़ चुक्का
साला बहुत हरमी है करते वक़्त मुझे गांड और बूब्स पे छूने की कोशिश करता था. शूटिंग थी तब हम होटेल मैं रुके थे.रात को हम सब बाहर बैठे थे तो मुझे ज़ोर की सूसो लग गई और मैं लड़ीएस बाथरूम जाने लगी भी मेरे साथ बाथरूम मैं ग़ुस्स गया और मेरे बूब्स दबाने लगा.मैने उसे रोकना चाहा पेर फिर मुझे भी अकचा लगाने लगा.उसने मेरी सलवर खोली और पंतय नीची करके छोड़ने लगा.रात को कमरे मैं आया और रात भर मुझे छोड़ा.आज़्ज़ भी सेट पेर कभी मेरी छूट या गांड पे हाथ लगता है कभी गांड पे पींच करता
देखता
अकेले मैं ही करता है हरमी,पेर एक बार ओम मेरे बूब्स दबा रार था तो कृष्णा ने देख लिया जो सेरियल मैं मुझे बड़ी-मा बुलाता

भी घर आकर अपनी बड़ी-मा की छुड़ाई कर
थे सब सुनकर मुझसे रार ना गया और मैने लुआदा उसके छूट मे डाल दिया और धक्का देने लगा.फिर मैने उसे ज़ुकाया और पीछे से डोगग्य स्टयले से उसकी छूट का मज़ा लेने लगा.वो भी चिल्ला रही थी.
उसे दिन मैने उसको 5 बार छोड़ा और उसका छूट लाल लाल कर दी.
अब छुड़ाई का एह सिलसिला आज भी बाक़ी है हेर महीने मिनीमूं दो दिन के लिए साक्षी मासी के घर जा कर उसे छोड़ता हूँ.
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